काल बनता धुआं काला कब खुलेगा अक्ल का ताला भारत सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि में बेतहाशा वृद्धि कर दी. सरकार मान कर चल रही है कि जुर्माने की रकम कई गुणा बढ़ा देने से यातायात नियमों का जनता कड़ाई से पालन करेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी या दुर्घटनाएं घटित ही नहीं होगी. सीट बेल्ट के बिना कार चलाने पर जुर्माना 100 रुपए से बढ़ाकर हजार रुपए कर दिया गया है, ड्रंक एंड ड्राइव में पक ड़े जाने पर अब दो हजार की जगह दस हजार रुपए देने होंगे, कार चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने पर एक हजार रुपए से पांच हजार रुपए का दंड जैसे कई प्रावधान हैं जो वाहन चालकों की नींद उड़ा रहे हैं. अच्छी बात है कि लोगों की जान बचान के लिए नियमों को कड़ा बनाया गया लेकिन एक सवाल यहां मौजू है कि इन नियमों का क्रियान्वयन करनेवाली सरकारी मशीनरी को भी चुस्त-दुरुस्त बनाया जाएगा या फिर वैसा ही काम चलेगा जैसे आज तक चलता आ रहा है. वैसे जुर्माने की पहले जो राशि थी वह जरूर कम थी लेकिन इसका दूसरा पहलू यह भी है कि नियमों पर ही कड़ाई से अमल नहीं किया जा रहा था तो क्या खाक दुर्घटनाएं र...