क्या चैंपियन बनने की औकात थी हमारी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक कमेंट काफी मजेदार है। किसी भी क्रिकेट विश्व कप में दो ट्रॉफियां रख दी जाएं। एक ट्रॉफी टूर्नामेंट में चैंपियन बननेवाली टीम के लिए और दूसरी भारत-पाकिस्तान मैच के लिए। यह मैच जो जीतेगा उसे ट्रॉफी मिलेगी। इस लिहाज से भारत ने ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप में अपनी ट्रॉफी तो 23 अक्तूबर को ही पाकिस्तान को हराकर जीत ली थी। खैर, व्यंग्य अपनी जगह है और हकीकत अपनी जगह। सेमी फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ जो शर्मनाक प्रदर्शन किया वह लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के दिल को डंसता रहेगा लेकिन इतनी बड़ी प्रतियोगिता में खेलने उतरी भारतीय टीम के संयोजन पर गौर करें। क्या वाकई लायक थे विश्व कप में खेलने के कहीं से भी टीम इंडिया टी-20 विश्व कप प्रतियोगिता के लायक नहीं लग रही थी। टीम के कप्तान रोहित शर्मा का खराब फॉर्म एशिया कप से ही चला आ रहा था। उनके जोड़ीदार के.एल. राहुल को तो बस केवल आईपीएल में ही खेलना चाहिए। आप केवल विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव के दम पर कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकते। कोहली ने तो खैर...