‘बैन इट लाइक बैकहम’ पिछले साल नवंबर में मध्य लंदन के ग्रेट पोर्टलैंड स्ट्रीट पर किसी ने इंग्लैंड के पूर्व स्टाइलिश फुटबॉलर डेविड बैकहम को कार में मोबाइल का प्रयोग करते हुए देखा. फिर उसने पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज देखकर ‘जुर्म’ की पुष्टि की. इसके बाद कार्रवाई के तौर पर ब्रिटेन में गाड़ी चलाने के लिए बैकहम पर छह महीने का बैन लगा दिया गया. बैकहम जैसी सेलेब्रेटी भारत में यदि कार में मोबाइल का इस्तेमाल करते दिख जाती तो पुलिस को सूचित तो किया ही नहीं जाता, बल्कि देखनेवाला खुद ही ऑटोग्राफ लेने के लिए डट जाता. यह तो इंग्लैंड है जहां छह महीने बाद भी बैकहम को बख्शा नहीं गया. स्टार हुआ तो क्या, कार में मोबाइल का प्रयोग नहीं करने का कानून तो भंग किया है. भारत में भी ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का प्रयोग नहीं करने का कानून है लेकिन कितने लोग इसे मानते हैं? ‘कानून तो बने ही तोड़ने के लिए हैं’ की घटिया मानसिकता लोगों को ‘मरने’ के लिए विवश कर रही है. आंकड़े बताते हैं कि 2016 में 2138 लोग ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने से मौत के मुंह में समाए. ‘सेव लाइफ फाउंडेशन’ के एक ...