एड गेनः इंसान की खाल में छिपा विकृत शैतान



एड गेन जो भयानक विकृति से ग्रसित था

17 नवंबर 1957 की बर्फीली रात को अमेरिका के प्लेनफील्ड कस्बे ( विस्कॉन्सिन ) के एक मकान में पुलिस दबीश देती है। मकान के भीतर का नजार देख कुछ पुलिसवाल बेहोश हो जाते हैं, जबकि  कुछ को उल्टियां होने लगती हैं। मांस और खून की बदबू से पुलिसकर्मियों के सर फटे जा रहे हैं।  दोजख और इस मकान में कोई फर्क ही नहीं है।  58 वर्षीय बर्निस वॉर्डन को लापता हुए 24 घंटे हो चुके थे। उसीकी खोजबिन के सिलसिले में पुलिस की यह दबीश थी। बर्निस हार्डवेयर स्टोर की मालकिन थी, पर अपनी जिंदगी में वह बेहद तनहा महसूस करती थी। बेटा फ्रैंक वॉर्डन स्थानीय डिप्टी शेरिफ था लेकिन मां से दूर रहता था।  पुलिसवालों ने मकान के हर कमरे की तलाशी शुरू कर दी और जो देखा वह राक्षसोंवाली किसी तिलस्मी उपन्यास में ही संभव है।  कमरों में पुलिवासवालों को मानव कंकाल और हड्डियों के टुकड़े मिले।  कूड़ादान, कुर्सियों के कवर, मुखौटे, लेगिंग्ज भी वहां दिखाई दिए और यह सभी महिलाओं के खाल से बनाए गए थे।  मानव खोपड़ियों के कटोरे वहां थे और  खंभों पर  महिलाओं की खोपड़ियां लटक रही थीं।  स्टोव पर कुछ उबल रहा था जिसका मतलब था कि इस मकान से कोई हाल ही में बाहर गया है लेकिन पुलिसकर्मी तब पसीना-पसीना हो गए और उनकी रूह कांप उठी जब जूते रखने के एक एक डिब्बे में नौ महिलाओं की योनियां ( जननांग) रखी हुई थीं, जिनमें से दो थीं 15 साल की लड़कियों की।  साथ ही कई स्तनाग्रों (निप्पल) को सीकर बनाया गया एक पट्टा (बेल्ट) भी मिला। चार नाक वहां मिले। होठों की कुछ जोड़ियां भी वहां थीं जिन्हें खिड़की पर लटका दिया गया था।  एक चेहरा भी यहां पुलिस ने बरामद किया,  जिसकी शिनाख्त बादमें तफ्तीश के दौरान मैरी होगन नामक महिला के रूप में हुई।

 
मानवीय अंगों से चीजें बनाई

सब कुछ भयानक, अकल्पनीय और अनाकलनीय था। क्या कोई इतना भी क्रूर-हैवान हो सकता है जो मानवीय अंगों से घर की चीजें बनवाए ?  पुलिस को शक होने लगा था कि यह कहीं न कहीं किसी ऐसे शख्स की अति रक्तरंजित हरकत है जो मनोवैज्ञानिक तौर पर बिल्कुल भी स्वस्थ्य नहीं है और भीतर उसके कई विकृतियां दबी हुईं हैं। उसी शाम फ्रैंक वॉर्डन अपनी मां की दुकान पर गया था।  बर्निस दुकान पर नहीं थी।  फ्रैंक ने देखा कि हिसाब-किताब का रजिस्टर खुला पड़ा है और फर्श पर खून के धब्बे हैं।  फ्रैंक ने कुछ लोगों से पूछताछ की तो किसी ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे के करीब एक ट्रक को बर्निस की दुकान से निकलते हुए देखा गया था ।  फ्रैंक ने दुकान में रजिस्टर में देखा तो एक नाम दिखाई दिया एड गेन, लेकिन यह बंदा एक दिन पहले आकर चला गया था।  उस दिन केवल यह एक ही ग्राहक बर्निस की दुकान पर आया था। अगल-बगल के लोगों ने बताया कि  हिरण के शिकार का सीजन शुरू होने की वजह से ग्राहकी कम हो चुकी है इसलिए एक दिन में केवल एक ही ग्राहक का आना मुमकिन है। रजिस्टर में एड गेन के सामने लिखा हुआ था कि वह अगले दिन आकर एक गैलन एंटीफ्रीज खरीदकर ले जाएगा।  फ्रैंक ने पुलिस को एड गेन के बारे में जानकारी दी। 

गिरफ्तारी

पुलिस ने एड गेन को वेस्ट प्लेनफील्ड के एक किराना स्टोर से गिरफ्तार किया और फिर वौशारा काउंटी शेरिफ विभाग ने तफ्तीश शुरु कर दी। तहकीकात में जो सामने आया वह एड गेन के भीतरी शैतान की ओर इशारा करता है। पुलिस एड गेन को लेकर मृतका बर्निस के घर गई। यहां बर्निस का सिर धड़ से अलग कर  देखा गया। हैवानियत का आलम यह था कि बर्निस की सर कटी लाश उल्टी लटका दी गई थी। टखनों पर एक क्रॉसबार और कलाई पर रस्सियां बंधी हुई थीं। सिर को धड़ से अलग करने के लिए लकड़ा काटने की बिजली पर चलनेवाली आरी का प्रयोग किया गया था और लाश पर  प्वाइंट 22 कैलिबर की राइफल से गोली मारी गई थी। मामला इससे भी कहीं ज्यादा गंभीर था, क्योंकि बर्निस की लाश के साथ सेक्स भी किया गया था।  एड गेन बादमें बर्निस की दुकान का ट्रक लेकर भाग गया था। 



एड गेन के किरदार में चार्ली हनम


इंसानी खाल में छिपा पशु


एड गेन की इन विकृति,  क्रूरता देख पुलिसवालों का मानना था कि वह केवल नाम का इंसान था लेकिन उसका बर्ताव किसी शैतान से जुदा नहीं था। वह इंसानी खाल में छिपा हुआ विकृति की पराकाष्ठा पार कर चुका पशु था।  एड गेन अपनी मौत के 31 साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल ‘नेटफ्लिक्स’ पर  तीन अक्तूबर 2025 को वेबसीरीज ‘मॉनस्टर’ का तीसरा सीजन एड गेन को समर्पित है। कुल आठ एपीसोड के इस सीजन ने एड गेन की खूंखारियत को यथावत पेश करने की कोशिश की गई है। एड गेन पर हालांकि कई फिल्में बनाई गई हैं, कई उपन्यास भी लिखे जा चुके हैं।  हॉरर फिल्मों के बादशाह निर्माता- निर्देशक एल्फ्रेड हिचकॉक ने सन 1960 में एक फिल्म बनाई थी ‘साइको’ जो एड गेन की वीभत्स हरकतों से प्रेरित बताई जा रही है। हालांकि ‘साइको’  को रॉबर्ट बलोच के 1959  में लिखे एक उपन्यास पर आधारित बताया जा रहा है।  जैसा कि ‘मॉनस्टर’ में दिखाया गया है हिचकॉक ने जब एड गेन के बारे में सुना तो वह खुद इतने भयभित हो गए थे कि उन्होंने उसकी जिंदगी की हकीकत पर फिल्म बनाने का विचार ही त्याग दिया था। 


बर्निस वॉर्डन के किरदार में लेसले मैनविले

बर्निस का कत्ल क्यों किया   

इससे पहले की एड गेन के बारे में विस्तार से जानें देखते हैं उसने बर्निस को क्यों मारा। अधेड़ बर्निस अकेली रहती थी। एड गेन हमेशा उसकी दुकान पर जाते रहता था। बर्निस भी हवस की भूखी थी। गेन के साथ बर्निस ने संबंध बना लिए। गेन की विकृति का बर्निस को पता चल चुका था। वह अपने अंतरर्वस्त्र गेन को देती थी। गेन उन्हें पहनकर बर्निस से सेक्स करता था। और फिर एक दिन गेन ने वहीं किया जो अन्य औरतों के साथ वह करता आ रहा था। उसने बर्निस को उसीके घर में बड़े घृणित तरीके से कत्ल कर दिया।  एड गेन की यही तो तासिर थी। सेक्स के बाद महिला की हत्या और उनके अंगों को काटकर अपने घर ले जाकर रख देना और उन्हीं से चीजें बनवाना उसकी विकृति थी। 

वह ऐसा क्यों बना

ऐड गेन ऐसा क्यों हुआ। असल में उसकी परवरिश मां के कड़े अनुशासन में हुई थी। एडवर्ड थियोडोर गेन उसका पूरा नाम था। 27 अगस्त 1906 को विस्कॉन्सिन के ला क्रॉस काउंटी में  पैदा हुआ एड गेन काफी शर्मिला किस्म का लड़का था।  मां का नाम ऑगस्टा विल्हेल्मिन गेन था और एड दो भाइयों में छोटा था। ऑगस्टा अत्यंत धार्मिक प्रवृत्ति की लेकिन कट्टरवादी विचारों की महिला थी। वह एड को बचपन से इसी बात की तालीम देती रही कि हर औरत व्यभिचारिणी और शैतान के हाथ की कठपुतली होती है और दीगर धर्मीय खास कर यहुदी इस धरती पर बोझ हैं। उन्हें जिंदा रहने का भी हक नहीं है।  शराब पीने को वह पाप बताती थी। यहां तक कि ऑगस्टा ने गेन के हंसने पर भी पाबंदी लगा रखी थी। जब भी गेन ने दोस्त बनाने की कोशिश की मां ने उसे कड़ी फटकार लगाकर दोस्ती तुड़वा दी। एड गेन अपनी तन्हाइयों को दूर करने के लिए अश्लील पत्रिकाएं पढ़ने लगा। नंगी तस्वीरों में आनंद खोजने लगा। उन पत्रिकाओं में उसकी रुचि ज्यादा थी जिनमें नरभक्षियों या नाजियों द्वारा अत्याचारों का वर्णन होता था। उसे विशेष रूप से इल्से कोच की कहानियां आकर्षित करती थीं। इल्से कोच पर कैदियों की चमड़ी से लैंपशेड और अन्य वस्तुएं बनवाने का इल्जाम था। परिणाम यह हुआ कि गेन मानने लगा कि दुनिया में सिर्फ मां ही है जो उसे प्यार करती है और सत्य बताती है।  मां से गेन का लगाव बढ़ने की एक वजह उसके बड़े भाई हेनरी की मृत्यु भी थी। हेनरी की मौत के बाद गेन मां के और करीब आ गया। 

मां के शव को घर पर ही रखा

मां के साथ लगाव इतना था कि उसकी मौत के बाद एड गेन ने शव को बजाय दफनाने के घर में ही सड़ने तक रखा। वह शव के साथ बातें करता था। एक बार वह अपनी प्रेमिका एडलिन वॉटकिंस को मां से मिलाने ले गया था। एडलिन को नहीं पता था कि गेन जिसे मां बता रहा है वह तो शव है। एडलिन से गेन ने कहा कि वह मां से बातें करें। जब एडलिन को सच्चाई का पता चला तो वह भाग निकली। हालांकि गेन को और ज्यादा विकृत बनाने में एडलिन भी पीछे नहीं रही। एड गेन की विकृति का एक और हिस्सा था कब्र से महिलाओं की लाशों को निकालकर उनसे सेक्स करना। कब्र से निकाली गई महिलाओं के अंतर्वस्त्र पहनकर भी वह खुश होता था। एडलिन को गेन के इस शौक का पता था लेकिन बजाय उसे रोकने के वह अक्सर उसे कब्रस्तान में दफ्न की गई महिलाओं की सूचना देती थी। इतना ही नहीं कब्र तोड़कर लाश निकालने में और उनसे यौन संबंध बनाने में भी मदद करती थी। पूछताछ में गेन ने स्वीकार किया कि 1947 से 1952 के बीच उसने लगभग नौ कब्रस्तानों में  40 बार रात के समय  जाकर ताजा दफन किए गए शवों को निकालकर उनसे गंदी हरकत की। इनमें जो औरत उसकी मां की उम्र की थी उनकी लाशें बगैर सेक्स के वह  घर ले आता था। फिर उनकी त्वचा उतारकर उनसे चीजें बनवाता था।  पूछताछ में उसने यह भी माना कि उसने 51 वर्षीय मैरी होगन को गोली मारी थी, जो आठ दिसंबर 1954 से लापता थी। यह वही महिला थी जिसका चेहरा पुलिस ने दबिश के दौरान एड गेन के घर से बरामद किया था।  

 लाय डिटेक्टकर टेस्ट में पास

गिरफ्तारी के बाद गेन यही बताता रहा कि उसे कुछ भी याद नहीं। बल्कि उसीने अपना लाय डिटेक्टकर टेस्ट कराने का प्रस्ताव पुलिस के सामने रखा था। दो बार टेस्ट हुआ और दोनों बार गेन इसमें पास हुआ। पुलिस हक्का बक्का रह गई। 21 नवंबर 1957 को एड गेन पर पहले दर्जे की हत्या का मुकदमा वौशारा काउंटी कोर्ट में चला। वह मानसिक रोग  सिजोफ्रेनिया का शिकार होने का निदान हो चुका था। अदालत ने उसे मुकदमे के लिए अयोग्य (मानसिक रूप से असक्षम) घोषित किया।  हालांकि जेल में भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। एक वार्डन के साथ उसने वही किया  जो वह आजाद रहकर करता था। अंततः पता चला कि गेन को फेफड़ों का कैंसर है। अंततः 26 जुलाई 1984 को उसकी मौत हुई। उसे वहीं पर दफनाया गया जहां उसकी मां और भाई को दफनाया गया था।  

मैक्स विंकलर और ईयान ब्रेनन के निर्देशन में बनी अमेरीकी वेब सीरीज ‘मॉनस्टर’ में एड गेन की भूमिका में चार्ली हनम है, जिनका किरदार देख हैरत होती है। नीली गोल-गोल आंखें, बेहद नर्म और धीमी आवाज, चिपके हुए बाल और भावहीन चेहरा दर्शकों को डराता है। गेन के किरदार में हनम ने सचमूच जान झोंक दी है। मनोवैज्ञानिक रूप से अविकसित और भयंकर रूप से विकृत शख्स को साकार करने में हनम की मेहनत का पता चलता है। लॉरी मैटकैफ ने गेन की मां ऑगस्टा, जबकि सुजाना सन ने गेन की प्रेमिका एडलिन वाटकिंस का किरदार निभाया है।

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एड गेन की कब्र जिसका पत्थर किसी ने तोड़ दिया था



घर से बरामद वस्तुएं

·         पूरे मानव कंकाल और उनके टुकड़े

·         इंसानी त्वचा से बना एक कूड़ादान

·         कई कुर्सियां जो मानव त्वचा से ढकी थीं

·         बिस्तर के खंभों पर लगे मानव खोपड़ी

·         कुछ महिला खोपड़ियां जिनके ऊपरी हिस्से को काटा गया था

·         मानव खोपड़ियों से बने कटोरे

·         एक महिला के कंधे से कमर तक की खाल से बना कॉर्सेट (बॉडी परिधान)

·         इंसान की टांग की त्वचा से बनी पतलून (लेगिंग्स)

·         महिलाओं के सिर की खाल से बने मुखौटे

·         मैरी होगन का चेहरा, कागज के थैले में रखा हुआ

·         मैरी होगन की खोपड़ी, एक डिब्बे में रखी हुई

·         बर्निस वर्डन का पूरा सिर, बोरे में रखा हुआ


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